UP Police को मिला स्थायी मुखिया! IPS राजीव कृष्ण बने पूर्णकालिक DGP, जानें कौन हैं ये दमदार अफसर
उत्तर प्रदेश पुलिस के लिए एक ऐतिहासिक पल आ गया है। बीते 4 सालों से राज्य पुलिस की कमान केवल 'कार्यवाहक' अधिकारियों के हाथों में थी, लेकिन अब योगी सरकार ने इस अस्थिरता को खत्म कर दिया है। सरकार ने 1991 बैच के तेज-तर्रार आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण को उत्तर प्रदेश का पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) नियुक्त किया है।
यूपी सरकार ने 1991 बैच के IPS राजीव कृष्ण को राज्य का स्थायी DGP नियुक्त किया है। मई 2022 के बाद पहली बार यूपी पुलिस को पूर्णकालिक मुखिया मिला है। राजीव कृष्ण ने हाल ही में सिपाही भर्ती परीक्षा का पारदर्शी आयोजन कराकर अपनी काबिलियत साबित की थी।
इस नियुक्ति के लिए संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) के कड़े नियमों का पालन किया गया। शासन द्वारा तैयार किए गए तीन वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में रेणुका मिश्रा, पियूष आनंद और राजीव कृष्ण के नाम थे, जिनमें से अंततः राजीव कृष्ण के अनुभव और ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए उन्हें इस सर्वोच्च पद के लिए चुना गया।
इतिहास और कार्यवाहक DGP का दौर
यूपी पुलिस में 11 मई 2022 को मुकुल गोयल के हटने के बाद से स्थायी डीजीपी का पद खाली था। तब से अब तक 5 अलग-अलग अधिकारियों ने कार्यवाहक के तौर पर जिम्मेदारी संभाली:
- डीएस चौहान
- आरके विश्वकर्मा
- विजय कुमार
- प्रशांत कुमार
- राजीव कृष्ण (5वें कार्यवाहक DGP, जिन्हें अब पूर्णकालिक बनाया गया है)
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बैच | 1991 IPS Batch |
| कार्यकाल समाप्ति | जून 2029 |
| विशेष उपलब्धि | दो बार लखनऊ के SSP रहे |
राजीव कृष्ण का शानदार करियर ग्राफ
राजीव कृष्ण की पुलिसिंग का सफर बेहद प्रभावशाली रहा है। उन्होंने राज्य के विभिन्न महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है:
- शुरुआती दौर: इलाहाबाद, बरेली, कानपुर और अलीगढ़ में ASP के रूप में कार्य किया।
- जिला कमान: फिरोजाबाद (पहला जिला), इटावा, मथुरा, फतेहगढ़, बुलंदशहर, नोएडा और आगरा के SSP रहे।
- राजधानी का भरोसा: वह एकमात्र ऐसे अधिकारी हैं जिन्हें दो बार लखनऊ के एसएसपी की कमान सौंपी गई।
- ATS का आधुनिकीकरण: डीआईजी एटीएस के रूप में उन्होंने यूपी एटीएस को आधुनिक तकनीक और संसाधनों से लैस किया।
- अन्य महत्वपूर्ण पद: बीएसएफ में प्रतिनियुक्ति, मुरादाबाद पुलिस अकादमी के एडीजी और आगरा जोन के एडीजी के रूप में सफल कार्यकाल।
सिपाही भर्ती परीक्षा: एक बड़ी चुनौती और जीत
मार्च 2024 में जब सबसे बड़ी सिपाही भर्ती परीक्षा पेपर लीक के कारण विवादों में थी, तब सरकार ने कमान राजीव कृष्ण को सौंपी। उन्होंने न केवल परीक्षा का सफल आयोजन किया, बल्कि 60,244 अभ्यर्थियों का रिजल्ट बिना किसी विवाद के जारी कर अपनी प्रशासनिक कुशलता का लोहा मनवाया।
📌 अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
यूपी के नए पूर्णकालिक DGP कौन हैं?
उत्तर प्रदेश के नए पूर्णकालिक पुलिस महानिदेशक (DGP) 1991 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी राजीव कृष्ण हैं।
राजीव कृष्ण का कार्यकाल कब तक है?
राजीव कृष्ण का कार्यकाल जून 2029 तक निर्धारित है।
राजीव कृष्ण की सबसे बड़ी उपलब्धि क्या रही?
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धियों में यूपी एटीएस का आधुनिकीकरण और विवादित सिपाही भर्ती परीक्षा को सफलतापूर्वक संपन्न कराकर परिणाम जारी करना शामिल है।
🔗 Reference: UP Police Official Portal
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