बाल दिवस क्यों मनाया जाता है 14 नवंबर को? जानिए पंडित नेहरू के प्यार की कहानी
जब पूरी दुनिया बच्चों के लिए 20 नवंबर की तारीख तय करती है, तो भारत क्यों 14 नवंबर का दिन चुनता है? यह महज कैलेंडर का फेर नहीं है।
भारत में बाल दिवस 14 नवंबर को मनाया जाता है, क्योंकि इस दिन पंडित जवाहरलाल नेहरू का जन्मदिन होता है। उन्हें बच्चों से बेहद लगाव था और उन्होंने अपनी जीवनशैली में बच्चों के साथ समय बिताना चाहिए था। उनकी मृत्यु के बाद, उनके प्रेम को याद रखने के लिए इस तारीख को बाल दिवस के रूप में समर्पित किया गया।
📍 मुख्य अपडेट्स (बाल दिवस के पीछे की कहानी)
- 14 नवंबर का दिन पंडित नेहरू के जन्मदिन है।
- उन्हें बच्चों से खास प्यार था, वे उन्हें 'चाचा नेहरू' कहकर बुलाते थे।
- उनकी जेब हमेशा मिठाइयों और तोहफों से भरी रहती थी।
- उन्होंने बच्चों के साथ समय बिताना अपनी जीवनशैली था।
- उनकी मृत्यु के बाद इस तारीख को बाल दिवस के रूप में मनाया गया।
- यह तारीख एक ऐसे प्रेम कहानी की गवाह है जो देश के सब से प्यारे बच्चों से था।
पंडित नेहरू और बच्चों का अद्वितीय संबंध
पंडित नेहरू को बच्चों से सदा से प्यार था। वे उन्हें अपने आयोजित सभाओं में भी खींचकर आते थे और उनसे मिठाइयां लेते थे। एक बार एक बच्चे ने उनसे पूछा - 'चाचा, क्या आप हमेशा हमारे साथ रहेंगे?' इस प्रश्न ने नेहरू के जीवन को एक नई दिशा दी।
बाल दिवस की वैश्विक तारीख क्यों नहीं मनाई गई?
वैश्विक स्तर पर बच्चों का दिन 20 नवंबर को मनाया जाता है, लेकिन भारत ने इसे 14 नवंबर के रूप में अपनाया। यह एक अनूठा संगम है जो हमारे साथी बच्चों के साथ पंडित नेहरू के प्रेम को दर्शाता है।
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